Wednesday, November 14, 2007
Camp
The weather is slightly cool, but appears very healthy. Water of Gangaji is very clean and blue. On 14th morning suddenly the level became high but subsided soon.
In the 2/1 chapter of Kathopanishad it was revealed that our natural extrovertedness appears like a curse for a sadhaka. Whoever can handle this problem alone paves the path for attaining the goal of Stitha-Pragnya.
Swaminiji took the chanting class of Ganga Stotram in the sunlight outside, over looking the Gangaji.
Tuesday, November 13, 2007
Indore to Delhi Trip
ॠषीकेष यात्रा
ॠषीकेष साधना शिविर के लिये इन्दौर से 12 नवम्बर को पहले इन्टर सिटि एक्सप्रेस से भोपाल आये। वहां प्रतीक्षालय में रुक कर विश्राम और भोजन किया । तिवारी जी स्वयं अपने घर से भोजन बना के लाये । दिवाली की गुझिया और मिठाई लाये। मिठाई में हल्दीराम की सोन पपडी भी थी। वहां मोबाइल को चार्ज कर लिया। एक सज्जन जब अपने मोबाइल को चार्ज कर रहे थे तो पूरे हाल की लाइट शाट हो गयी। बाद में एम सी बी उठाई गयी । फिर थोडी देर लेपटोप पे काम किया और पैर को उपर करके आराम किया।
फिर ट्रेन की जानकारी निकालने बाहर गये। अपना सी 8 डब्बा वेटिंग रूम के पास ही में आने वाला था। दो बजकर पांच मिनट पर शताब्दी एक्सप्रेस दिल्ली से भोपाल पहुंची, फिर आधे घन्टे तक उसकी सफ़ाई हुई। 2 बजकर 40 मिनट पर हम लोग ट्रेन में सवार हुए। उस समय ट्रेन काफी खाली थी। ट्रेन में खातिरदारी अच्छी हुई। पहले पाईन एपल जूस फिर नाश्ता और चाय। ट्रेन सीधे झांसी जाकर रुकी, और यहां डब्बा पूरा भर गया।
ट्रेन में बिजली के साकेट उपलब्ध थे, जिसका हमने पूरा लाभ उठाया। मोबाइल चार्ज करा और लेपटाप पर काम भी किया। यह लेख ट्रेन में ही हिन्दी में लिखने के अभ्यास हेतु लिखा गया। इतना लिखते लिखते ही लिखने की गति में कुछ सुधार आ गया। समय का अच्छा उपयोग हुआ। शाम सवा सात बजे गवालियर आया, जहां पर स्टेडियम कि लाइट जल रही थी। तीन दिन बाद यहां पर भारत और पाकिस्तान के बीच चौथा एक दिवसीय क्रिकेट मेच होने वाला है। दिल्ली रात को दस बजे तक पहुंचने की उम्मीद है।